बेंजीन का विरचन: Difference between revisions
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* यह जल में अमिश्रणीय और कार्बनिक विलायकों में मिश्रणीय होते हैं। | * यह जल में अमिश्रणीय और कार्बनिक विलायकों में मिश्रणीय होते हैं। | ||
* यह कज्जली लौ के साथ जलते हैं। | * यह कज्जली लौ के साथ जलते हैं। | ||
== बेंज़ीन के रासायनिक गुण == | |||
साधारणतः बेंज़ीन नाइट्रीकरण, हैलोजनीकरण, सल्फोनीकरण , फ्रीडलक्राफ्ट एल्कलीकरण और एसिटलीकरण आदि इलेक्ट्रॉनरागी अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं। | |||
=== नाइट्रीकरण === | |||
बेंज़ीन को सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ गर्म करने पर नाइट्रोबेंज़ीन प्राप्त होता है। क्योकी बेंज़ीन वलय में हाइड्रोजन के स्थान पर एक नाइट्रो समूह प्रविष्ट हो जाता है। | |||
<chem>C6H6 + HNO3 -> C6H5NO2 + H2O</chem> |
Revision as of 11:29, 20 October 2023
बेंजीन को औद्योगिक रूप से कोलतार से प्राप्त किया जाता है, लेकिन इसे प्रयोगशाला में भी बनाया जा सकता है।
बेंजीन बनाने की विधियां
बेंजीन बनाने की विधियां निम्न -लिखित हैं।
एथाइन के चक्रीय बहुलकीकरण द्वारा
एथाइन को लाल तप्त लौह नालिका में 873 K पर प्रवाहित कराने पर चक्रीय बहुलकीकरण द्वारा बेंज़ीन प्राप्त होता है।
एरोमैटिक अम्लों के विकार्बोक्सिलीकरण द्वारा
बेंज़ोइक अम्लों के सोडियम लवण को सोडालाइम के साथ गर्म करने पर बेंज़ीन प्राप्त होती है।
फिनॉल के अपचयन द्वारा
फिनॉल की वाष्प को ज़िंक के चूर्ण में प्रवाहित करने पर बेंज़ीन का अपचयन हो जाता है।
बेंजीन के गुण
- एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन अध्रुवीय अणु हैं।
- ये सामान्यतः विशिष्ट गंधयुक्त होते हैं।
- ये रंगहीन द्रव या ठोस होते हैं।
- यह जल में अमिश्रणीय और कार्बनिक विलायकों में मिश्रणीय होते हैं।
- यह कज्जली लौ के साथ जलते हैं।
बेंज़ीन के रासायनिक गुण
साधारणतः बेंज़ीन नाइट्रीकरण, हैलोजनीकरण, सल्फोनीकरण , फ्रीडलक्राफ्ट एल्कलीकरण और एसिटलीकरण आदि इलेक्ट्रॉनरागी अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं।
नाइट्रीकरण
बेंज़ीन को सांद्र नाइट्रिक अम्ल के साथ गर्म करने पर नाइट्रोबेंज़ीन प्राप्त होता है। क्योकी बेंज़ीन वलय में हाइड्रोजन के स्थान पर एक नाइट्रो समूह प्रविष्ट हो जाता है।